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Wednesday, 10 October 2012

भारत का धर्मनिरपेक्ष स्वरुप



नव स्वतंत्र भारत को सेकुलर स्टेट घोषित कर दिया गया | हम खुले कंठ से यह घोषणा कर सकते हैं कि वर्तमान भारत के कर्णधारों ने इसे जिस पथ पर डाला है उससे यह राष्ट्र अविलम्ब ही सच्चे अर्थों में धर्मनिरपेक्ष (धर्मरहित) राष्ट्र बन ही जायेगा |कांग्रेस कि द्रष्टि में हिन्दू तो सदा से ही सौतेली माँ के बेटे रहे हैं और आज भी हैं | बची खुची हिन्दू भूमि में भी - अपने को हिन्दू कहना साम्प्रदायिकों कि लिस्ट में अपना नाम लिखना समझा जाता है और खतरे से खाली भी नहीं है|
इस्सके अतिरिक्त जब यहाँ मुस्लिम समर्थक नीति चल रही है फिर सामान बर्ताव कहाँ ?

सभी हिन्दू संस्थाओं और करोडों हिन्दुओं के चिल्लाने तथा सत्याग्रह करने पर भी "गोवध बंदी-कानून" इसलिए नहीं बनता कि मुसलमानों के कोमल ह्रदय पर ठेस लग जायेगी और हिन्दुओं के लाख विरोध करने पर भी "तलाक बिल" आदि संस्कृति घातक कानून पास हो जाते हैं ,क्यों ?
क्योंकि निर्जीव हिन्दुओं का विरोध नगण्य है |

सरकार (कांग्रेस + स.पा.) के इसी मुस्लिम समर्थक रवैये के कारण ही लकनऊ में सड़कों पर ही माँ बहनों के ही कपडे फाड़ दिए जाते हैं और मुंबई में अमर जवान स्मारक को लात मार कर गिराया जाता है | क्यों ?

क्योंकि ऐसा करने वालों कि पीठ पर हाथ रखने के लिए तो है ही....

समानता लाने के लिए सरकार वैदिक आदर्शों के उच्च शिखर पर चढ़ी हुई हिन्दू जनता को तलहटी में खडी  हुई  मुस्लिम और ईसाइयों कि तरफ घसीटना चाहती है |

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