सभी हिन्दू संस्थाओं और करोडों हिन्दुओं के चिल्लाने तथा सत्याग्रह करने पर भी "गोवध बंदी-कानून" इसलिए नहीं बनता कि मुसलमानों के कोमल ह्रदय पर ठेस लग जायेगी और हिन्दुओं के लाख विरोध करने पर भी "तलाक बिल" आदि संस्कृति घातक कानून पास हो जाते हैं ,क्यों ?
क्योंकि निर्जीव हिन्दुओं का विरोध नगण्य है |
सरकार (कांग्रेस + स.पा.) के इसी मुस्लिम समर्थक रवैये के कारण ही लकनऊ में सड़कों पर ही माँ बहनों के ही कपडे फाड़ दिए जाते हैं और मुंबई में अमर जवान स्मारक को लात मार कर गिराया जाता है | क्यों ?
क्योंकि ऐसा करने वालों कि पीठ पर हाथ रखने के लिए तो है ही....
समानता लाने के लिए सरकार वैदिक आदर्शों के उच्च शिखर पर चढ़ी हुई हिन्दू जनता को तलहटी में खडी हुई मुस्लिम और ईसाइयों कि तरफ घसीटना चाहती है |

0 comments:
Post a Comment